नमस्कार
आज के अपने इस ब्लॉग में मैं आपसे बात करूँगी पोर्टुलका पौधें के विषय में ।इन्हें बहुत से नामो से भी जाना जाता है जैसे - पर्सलेन, मॉस रोज़ , 9 O' clock ,गुले दोपहरी , मेक्सिकन गुलाब , कुलफा शाक , सन प्लांट आदि ।
यह पौधा पोर्टुलाकेसी परिवार से सम्बंधित है। यह वैसे तो वार्षिक पौधा होता हैं किंतु यह स्व ऊपजाऊ होने के कारण सालों साल आपके घर व बगिया की शोभा बढ़ाता है ।
यह पौधें दक्षिण अमेरिका, उत्तरी अफ्रीका व भारत के मूल निवासी है ।
इन पौधों का मुख्य आकर्षण इनके फूल ही होते है जो गुलाब के फूल की तरह दिखाई देते है,और इसी वजह से इन्हें मॉस रोज़ (mose rose) कहते है । फूल कई रंगों में पाए जाते है जैसे - लाल , सफेद , नारंगी , पीला , गहरा गुलाबी या हल्का गुलाबी रंग आदि ।
इन पौधों की पत्तियां भी सुंदर लगती है। इनके पत्ते चिकने, गुच्छेदार , गहरे हरे , अंडाकार और मांसल होते है । यह पौधे सक्यूलेन्ट होते है ,इनकी पत्तियों में थोड़ा बहुत पानी जमा होता है।
यह पौधा गर्म जलवायु में अच्छी वृद्धि करता है । अगर आप अपने पौधे पर सैकड़ों फूल पाना चाहते है , तो इसे पूर्ण सूर्य प्रकाश में रखे । इस पौधे को धूप बहुत पसंद है। अगर धूप कम मिलती है तो इसमें या तो फूल ही नहीं आएंगे या फिर कम संख्या में फूल खिलेंगे । पोर्टुलका बहुत ही सहनशील पौधे होते है । ये शुष्क जलवायु में भी पनप जाते है लेकिन शुष्क जलवायु में पत्तियां पीली पड़ जाती है या गिर जाती है।
यह पौधा सिर्फ सजावट के तौर पर ही नहीं लगाया जाता है बल्कि दुनिया के कुछ हिस्सों में सब्जी या जड़ी बूटी के रूप में भी उगाया जाता है । कई जगह यह एक खरपतवार की तरह होता है जो स्वतः ही खेतो में या गमलों में उग जाता है ।पर्सलेन की कुछ प्रजातियो का प्रयोग खाद्य रूप में भी किया जाता है ,क्योकि इसमें ओमेगा- 3 फैटी एसिड प्रचुर मात्रा में पाया जाता है ,इसके अलावा इसमें विटामिन ए , सी , ई , बी और मैग्नीशियम , केल्सियम ,पोटेशियम व लोहा जैसे मिनरल्स भी पाए जाते है । यही वजह है कि इसे सलाद के रूप में भी प्रयोग किया जाता है।
पर आज मेरे ब्लॉग में मैं इसे सजावट के तौर पर ही लगाने का सुझाव दूँगी।क्योंकि इस पौधे को बिना किसी विशेष रखरखाव के भी आप बहुत सुंदर फूलों का आनंद ले सकते है । अगर मैं अपने व्यक्तिगत अनुभव की बात करूं तो मैंने कभी भी इन पौधों पर ध्यान ही नहीं दिया।मैं हमेशा ही एग्जॉटिक प्लांट्स की ही विशेष देखभाल करती हुँ । पर आज सुबह जब मैंने अपने पौधों को देखा तब सेकड़ो फूलों से भरे हुए गमले की तरफ मेरा ध्यान आकर्षित हुआ, और मुझें बहुत आश्चर्य हुआ कि इतना सुंदर पौधा भी है मेरी बगिया में। मन प्रसन्न हो गया ।वैसे तो इन पौधों को ग्राउंड कवर के रूप में ही लगाया जाता है पर आप इन्हें गमलों , हैंगिंग बास्केट या रॉक गार्डन में भी लगा सकते है। गमले में अगर लगा रहे है तो बड़े आकार का गमला लीजिएगा क्योकि ये तेजी से फैलने वाले पौधे है । जितना बढ़ते जाएंगे फूलों की संख्या भी उतनी ही अधिक होगी ।
यह पौधा पोर्टुलाकेसी परिवार से सम्बंधित है। यह वैसे तो वार्षिक पौधा होता हैं किंतु यह स्व ऊपजाऊ होने के कारण सालों साल आपके घर व बगिया की शोभा बढ़ाता है ।
यह पौधें दक्षिण अमेरिका, उत्तरी अफ्रीका व भारत के मूल निवासी है ।
इन पौधों का मुख्य आकर्षण इनके फूल ही होते है जो गुलाब के फूल की तरह दिखाई देते है,और इसी वजह से इन्हें मॉस रोज़ (mose rose) कहते है । फूल कई रंगों में पाए जाते है जैसे - लाल , सफेद , नारंगी , पीला , गहरा गुलाबी या हल्का गुलाबी रंग आदि ।
इन पौधों की पत्तियां भी सुंदर लगती है। इनके पत्ते चिकने, गुच्छेदार , गहरे हरे , अंडाकार और मांसल होते है । यह पौधे सक्यूलेन्ट होते है ,इनकी पत्तियों में थोड़ा बहुत पानी जमा होता है।
यह पौधा गर्म जलवायु में अच्छी वृद्धि करता है । अगर आप अपने पौधे पर सैकड़ों फूल पाना चाहते है , तो इसे पूर्ण सूर्य प्रकाश में रखे । इस पौधे को धूप बहुत पसंद है। अगर धूप कम मिलती है तो इसमें या तो फूल ही नहीं आएंगे या फिर कम संख्या में फूल खिलेंगे । पोर्टुलका बहुत ही सहनशील पौधे होते है । ये शुष्क जलवायु में भी पनप जाते है लेकिन शुष्क जलवायु में पत्तियां पीली पड़ जाती है या गिर जाती है।
यह पौधा सिर्फ सजावट के तौर पर ही नहीं लगाया जाता है बल्कि दुनिया के कुछ हिस्सों में सब्जी या जड़ी बूटी के रूप में भी उगाया जाता है । कई जगह यह एक खरपतवार की तरह होता है जो स्वतः ही खेतो में या गमलों में उग जाता है ।पर्सलेन की कुछ प्रजातियो का प्रयोग खाद्य रूप में भी किया जाता है ,क्योकि इसमें ओमेगा- 3 फैटी एसिड प्रचुर मात्रा में पाया जाता है ,इसके अलावा इसमें विटामिन ए , सी , ई , बी और मैग्नीशियम , केल्सियम ,पोटेशियम व लोहा जैसे मिनरल्स भी पाए जाते है । यही वजह है कि इसे सलाद के रूप में भी प्रयोग किया जाता है।
पर आज मेरे ब्लॉग में मैं इसे सजावट के तौर पर ही लगाने का सुझाव दूँगी।क्योंकि इस पौधे को बिना किसी विशेष रखरखाव के भी आप बहुत सुंदर फूलों का आनंद ले सकते है । अगर मैं अपने व्यक्तिगत अनुभव की बात करूं तो मैंने कभी भी इन पौधों पर ध्यान ही नहीं दिया।मैं हमेशा ही एग्जॉटिक प्लांट्स की ही विशेष देखभाल करती हुँ । पर आज सुबह जब मैंने अपने पौधों को देखा तब सेकड़ो फूलों से भरे हुए गमले की तरफ मेरा ध्यान आकर्षित हुआ, और मुझें बहुत आश्चर्य हुआ कि इतना सुंदर पौधा भी है मेरी बगिया में। मन प्रसन्न हो गया ।वैसे तो इन पौधों को ग्राउंड कवर के रूप में ही लगाया जाता है पर आप इन्हें गमलों , हैंगिंग बास्केट या रॉक गार्डन में भी लगा सकते है। गमले में अगर लगा रहे है तो बड़े आकार का गमला लीजिएगा क्योकि ये तेजी से फैलने वाले पौधे है । जितना बढ़ते जाएंगे फूलों की संख्या भी उतनी ही अधिक होगी ।

3 टिप्पणियाँ
Wow, bahut hi achchi jankari
जवाब देंहटाएंBeautiful plant
जवाब देंहटाएं👍👍👍👍
जवाब देंहटाएंThanks for reading😊🙏🏻
Stay connected