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बिना गर्भधारण(without pregnancy) के कैसे दे रही है बछड़ी दूध ?

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नमस्कार
आज के अपने ब्लॉग में मैं बात करूँगी हिमाचल प्रदेश में हुई अजीबोगरीब घटना के विषय में।अक्सर हम कुछ ऐसे वाकये के बारे में सुनते है जो प्रकृति के विरुद्ध होते है ,जिन पर यकिन कर पाना मुश्किल हो जाता है।प्रकृति यूँ तो बहुत ही सरल और सुंदर है ,लेकिन कभी कभी प्रकृति भी कुछ अटखेलियां करती दिखाई देती है। कभी वो एक सूक्ष्म जीव (corona) को इतना बलवान बना देती है जो विश्व के बड़े से बड़े वैज्ञानिकों के लिए एक चुनौती बन गया है, कही इंसान एलियन जैसे पैदा हो जाते है ,कही चोपाये पशु के पांच या छः पैर हो जाते है या एक से अधिक मुँह पाए जाते है ऐसी कई अजीब घटनाएं आपने देखी और सुनी होगीं।जिन्हें लोगो द्वारा चमत्कार मान लिया जाता है ऐसी ही एक घटना के बारे में मैं आपको अपने इस ब्लॉग में बताऊंगी । आइए जानते है क्या है वो घटना -


हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिलेे का एक गांव है कुल्हेड़ा । इस गांव के निवासी प्रतापसिंह के यहाँ 13 माह की एक बछड़ी (calf)है जो बिना गर्भधारण किये ही रोज सुबह-शाम आधा किलो दूध दे रही है । इस बात से न सिर्फ प्रतापसिंह का परिवार हैरान है बल्कि गाँव के कई लोग व बुजुर्ग भी इस बात को देखकर यही कह रहे है कि ऐसा न पहले कभी सुना न देखा । गाँव के लोगो के लिए तो यह बछड़ी कोई चमत्कारी बछड़ी ही है । ये तो हुई आस्था की बात ।

अब इस घटना का वैज्ञानिक कारण भी मैं आपको बताती हुँ । प्रतापसिंह की पत्नी रेखा देवी की माने तो उनका कहना है कि यह उनकी पाली हुई बछड़ी ही है।एक सप्ताह पहले उन्होंने देखा था कि बछड़ी के थन अचानक मोटे हो गए। सन्देह होने पर बछड़ी को पशु चिकित्सक को दिखाया गया।चिकित्सक ने जब थनों को दबाया तो पहले पानी की धार निकली बाद में दूध निकलना शुरू हुआ।तबसे लगातार बछड़ी सुबह-शाम दूध दे रही है ।
जब इस विषय पर वरिष्ठ पशु चिकित्सक से बात की गई तो उन्होंने  बताया कि कुछ पशुओं में हार्मोन में वृद्धि हो जाती है । जिससे पशु बिना गर्भधारण के ही दूध देना शुरू कर देते है ।उन्होंने पशु पालकों से अपील करते हुए कहा कि जो पशु ऐसे दुधारू हो जाते है उनके दूध को चार या पांच दिन तक उपयोग में न ले । बाद में उपयोग करे इससे कोई हानि नहीं होती है। हालांकि प्रतापसिंह ने भी अभी तक इस बछड़ी के दूध का उपयोग नहीं किया है , वे बछड़ी के दूध को शिवजी के मंदिर में चढ़ा देते है । वैसे अगर हिन्दू धर्म शास्त्रों की माने तो सावन में दूध और हरी सब्जियों का सेवन नहीं करना चाहिए । इसका भी वैज्ञानिक कारण है ,किन्तु इस विषय पर मैं आपसे फिर कभी चर्चा करूँगी ।

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10 टिप्पणियाँ

  1. वाह, गजब है। प्रकृति कुछ भी कर सकती है।

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