नमस्कार
आज के अपने इस ब्लॉग में मैं भारत-चीन के मध्य बढ़ते तनाव पर बात करूँगी । मैंने अपने ब्लॉग में धर्म , ब्यूटी टिप्स , स्वास्थ्य औऱ भी अन्य विषयों पर आपसे चर्चा की हैं, पर आज का विषय मैं अत्यंत महत्वपूर्ण समझती हूँ ,क्योंकि बात हमारे देश की हैं । साथियों भारत-चीन के बीच तनाव होना कोई नई बात नहीं हैं सन 1962 में चीन के द्वारा दिए हुए घाव आज भी भरे नहीं हैं । फिर भी जैसा कि भारत देश एक महान देश हैं औऱ उदारता की नीति को आदिकाल से अपनाता आ रहा हैं तो चीन को भारत के द्वारा माफ कर दिया जाना भी अतिश्योक्ति नहीं हैं । किंतु भारत की उदारता व सरल हृदयता को चीन ने भारत की कमजोरी या मजबूरी समझ लिया ।चीन की साम्यवादी सोच ही चीन के पतन का कारण बनेंगी। बरहाल कल भारत सरकार द्वारा एक अहम निर्णय लिया गया।सरकार ने 59 चीनी एप्प को भारत में प्रतिबंधित कर दिया। भारत सरकार द्वारा ये फैसला देश की सुरक्षा व संप्रभुता के मद्देनजर लिया गया हैं। इस फैसले से चीन की छाती पर सांप लौटने लगे होंगे। क्योंकि भारत का यह कदम चीन की डिजिटल सिल्क रूट की महत्वकांक्षाओं के लिए एक बहुत बड़ा झटका बन सकता है।खैर इन सभी बातों से आप भलीभाँति परिचित हैं।तो मुख्य बात यह हैं कि क्या हम सभी नागरिकों के अपने देश अपनी भारत माता के प्रति कोई कर्त्तव्य नहीं हैं ? क्या चीन के एप्प या उसके द्वारा निर्मित वस्तुओं का बहिष्कार हम नहीं कर सकते हैं, क्या भारत सरकार को ही हर बार ऐसा कदम उठाना होगा ? जरा सोचिए अगर ये एप्प भारतीय लोगो द्वारा उपयोग ही नहीं किए जाते तो सरकार को इस विषय पर विचार नही करना पड़ता। हम सभी अपने देश की मिट्टी में पले बढ़े हैं ,फिर हमें चीन की किसी भी सामग्री का उपयोग क्यों करना। चीन में होली नहीं मनाई जाती हैं लेकिन हर साल गुलाल,रंग,पिचकारियां औऱ गुब्बारे चीन से आते हैं।चीन में दीवाली नहीं मनाई जाती हैं लेकिन दीपक से लेकर सजावट के हर सामान चीन से आते हैं औऱ हम महज दुसरो से बेहतर दिखने का दिखावा करते हुए हर साल चीन के सामान लेते हैं चाहे वो लाइट हो या पटाखे।भारतीय त्यौहार ,भारत मे ही मनाया जाता हैं, भारत के लोगो के साथ ही हम अपनी खुशियां बाँटते है ,फिर चीन के सामान का दिखावा हम अपने ही भारतवासी के लिए क्यों करते हैं ? क्या ये अपने देश के प्रति हमारी गद्दारी नहीं हैं।क्या आप अपनी माँ के हाथ से बने खाने को छोड़कर बाहर का खाना खा सकते हैं ? अगर नहीं तो फिर आप भारतमाता के साथ ऐसा कैसे कर सकते हैं। भारत मैं बने उत्पाद को ही ले,इससे आपका आपके देश के प्रति प्रेम भी झलकेगा औऱ देश की उन्नति भी होंगी ।
ये सब बातें तो मुझें भी नहीं कहना चाहिए थीं, क्योंकि मैं जानती हूँ कि हम सब भारतीयों में देशभक्ति हमारे जन्म से ही हमारी रग रग में बहती हैं ।
आप भी अपने आप को जाग्रत करें औऱ चीन का पूर्ण रूप से बहिष्कार करें ।
जय हिन्द🇮🇳
वैदेही✍🏻
आज के अपने इस ब्लॉग में मैं भारत-चीन के मध्य बढ़ते तनाव पर बात करूँगी । मैंने अपने ब्लॉग में धर्म , ब्यूटी टिप्स , स्वास्थ्य औऱ भी अन्य विषयों पर आपसे चर्चा की हैं, पर आज का विषय मैं अत्यंत महत्वपूर्ण समझती हूँ ,क्योंकि बात हमारे देश की हैं । साथियों भारत-चीन के बीच तनाव होना कोई नई बात नहीं हैं सन 1962 में चीन के द्वारा दिए हुए घाव आज भी भरे नहीं हैं । फिर भी जैसा कि भारत देश एक महान देश हैं औऱ उदारता की नीति को आदिकाल से अपनाता आ रहा हैं तो चीन को भारत के द्वारा माफ कर दिया जाना भी अतिश्योक्ति नहीं हैं । किंतु भारत की उदारता व सरल हृदयता को चीन ने भारत की कमजोरी या मजबूरी समझ लिया ।चीन की साम्यवादी सोच ही चीन के पतन का कारण बनेंगी। बरहाल कल भारत सरकार द्वारा एक अहम निर्णय लिया गया।सरकार ने 59 चीनी एप्प को भारत में प्रतिबंधित कर दिया। भारत सरकार द्वारा ये फैसला देश की सुरक्षा व संप्रभुता के मद्देनजर लिया गया हैं। इस फैसले से चीन की छाती पर सांप लौटने लगे होंगे। क्योंकि भारत का यह कदम चीन की डिजिटल सिल्क रूट की महत्वकांक्षाओं के लिए एक बहुत बड़ा झटका बन सकता है।खैर इन सभी बातों से आप भलीभाँति परिचित हैं।तो मुख्य बात यह हैं कि क्या हम सभी नागरिकों के अपने देश अपनी भारत माता के प्रति कोई कर्त्तव्य नहीं हैं ? क्या चीन के एप्प या उसके द्वारा निर्मित वस्तुओं का बहिष्कार हम नहीं कर सकते हैं, क्या भारत सरकार को ही हर बार ऐसा कदम उठाना होगा ? जरा सोचिए अगर ये एप्प भारतीय लोगो द्वारा उपयोग ही नहीं किए जाते तो सरकार को इस विषय पर विचार नही करना पड़ता। हम सभी अपने देश की मिट्टी में पले बढ़े हैं ,फिर हमें चीन की किसी भी सामग्री का उपयोग क्यों करना। चीन में होली नहीं मनाई जाती हैं लेकिन हर साल गुलाल,रंग,पिचकारियां औऱ गुब्बारे चीन से आते हैं।चीन में दीवाली नहीं मनाई जाती हैं लेकिन दीपक से लेकर सजावट के हर सामान चीन से आते हैं औऱ हम महज दुसरो से बेहतर दिखने का दिखावा करते हुए हर साल चीन के सामान लेते हैं चाहे वो लाइट हो या पटाखे।भारतीय त्यौहार ,भारत मे ही मनाया जाता हैं, भारत के लोगो के साथ ही हम अपनी खुशियां बाँटते है ,फिर चीन के सामान का दिखावा हम अपने ही भारतवासी के लिए क्यों करते हैं ? क्या ये अपने देश के प्रति हमारी गद्दारी नहीं हैं।क्या आप अपनी माँ के हाथ से बने खाने को छोड़कर बाहर का खाना खा सकते हैं ? अगर नहीं तो फिर आप भारतमाता के साथ ऐसा कैसे कर सकते हैं। भारत मैं बने उत्पाद को ही ले,इससे आपका आपके देश के प्रति प्रेम भी झलकेगा औऱ देश की उन्नति भी होंगी ।
ये सब बातें तो मुझें भी नहीं कहना चाहिए थीं, क्योंकि मैं जानती हूँ कि हम सब भारतीयों में देशभक्ति हमारे जन्म से ही हमारी रग रग में बहती हैं ।
आप भी अपने आप को जाग्रत करें औऱ चीन का पूर्ण रूप से बहिष्कार करें ।
जय हिन्द🇮🇳
वैदेही✍🏻

3 टिप्पणियाँ
🙄
जवाब देंहटाएंbharat mata ki jai
जवाब देंहटाएंजय हिंद
जवाब देंहटाएंThanks for reading😊🙏🏻
Stay connected