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इन गलत‍ियों से हो सकते हैं कंगाल, बढ़ता है मेंटल स्‍ट्रेस भी -

नमस्कार
आज के अपने इस ब्लॉग में मैं बात करूँगी वास्तुशास्त्र में उल्लेखनीय कुछ ऐसी बातों पर जिन पर हम अक्सर ध्यान ही नहीं देते...
आपने कभी सोचा है क‍ि एनर्जी का असर हमारी पॉकेट यानी क‍ि आर्थिक स्थिति पर भी पड़ता है। जी हां  वास्‍तुशास्‍त्र में इसका उल्‍लेख म‍िलता है। अगर आप अपने व्‍यवसाय में काफी अच्‍छा परफॉर्म कर रहे हैं लेकिन अचानक से ही आपको आर्थिक हानि होने लगे। या हो सकता है क‍ि ऐसी स्थिति आ जाए क‍ि आपको दूसरों से कर्ज लेना पड़ जाए। साथ ही मानस‍िक तनाव भी काफी बढ़ जाए। तो जरा संभल जाएं अपने घर में और आस-पास की ये चीजें चेक कर लें। हो सकता है क‍ि ये नेगटिव एनर्जी आपके आस-पास हो। वास्‍तु के अनुसार अगर आप बताई गई इन बातों को नजरअंदाज कर रहे हैं तो आप कंगाल भी हो सकते हैं। इसलिए गौर करें…
वास्‍तुशास्‍त्र के अनुसार जिस भी अलमारी में आप धन रखते हैं उसे कभी भी उत्तर द‍िशा की दीवार के साथ लगाकर ना रखें। क्योंकि ऐसा करने से उसका मुंह दक्षिण दिशा में खुलता है जो क‍ि धन हानि का योग बनाता है। इसलिए ध्‍यान रखें क‍ि जिस अलमारी में आप धन रखते हैं उसे पश्चिम की दीवार से लगाकर रखें। इस तरह उसका मुंह पूर्व दिशा की ओर खुलेगा। इससे लक्ष्‍मी की कृपा होती है और व्‍यक्ति के जीवन में कभी भी तंगी नहीं आती।
वास्‍तुशास्‍त्र के अनुसार अगर घर में श्रीगणेश की मूर्ति रखी जाए तो व्‍यक्ति को कभी धन हान‍ि नहीं होती। लेकिन कुछ लोग इसे गलत जगह रख देते हैं। इससे वास्‍तुदोष बढ़ता है। धनहानि होती है ऐसे में जब भी घर या कार्यालय में गणेशजी की मूर्ति रखें तो ऐसे रखें क‍ि श्रीगणेश का मुंह अंदर की ओर होना चाहिए। इससे धन और शुभ-लाभ का आगमन होता है।
वास्‍तुशास्‍त्र के अनुसार घर की छत हमेशा साफ-सुथरी रखनी चाहिए। अमूमन देखा गया है क‍ि लोग गैर जरूरी चीजें छत पर रख देते हैं। लेकिन वास्तु कहता है क‍ि ऐसा करने से घर का स्वामी तनाव और आर्थिक परेशानियों में उलझा रहता है। इसलिए कभी भी गैरजरूरी वस्‍तुओं या फिर क‍िसी तरह का कूड़ा-कचरा छत पर नहीं फेंकना चाहिए, ऐसा करने से बचें।
वास्‍तुशास्‍त्र के अनुसार घर में जल संबंध‍ित सभी चीजों का खास ख्‍याल रखना चाहिए। इसलिए जब भी कोई जल का पात्र रखें तो उसे हमेशा उत्तर दिशा में ही रखें। इसका कारण यह है क‍ि उत्तर दिशा कुबेर की होती है जो धन लाभ कराती है। लेकिन यह भी ध्‍यान रखें क‍ि जल के पात्र से रिसाव नहीं होना चाहिए। अन्‍यथा व्‍यक्ति को भारी आर्थिक हान‍ि का नुकसान उठाना पड़ सकता है। साथ ही यह भी ध्‍यान रखें क‍ि कभी भी दक्षिण या पश्चिम दिशा में पानी का पात्र न रखें। ऐसा करने से मेंटल स्‍ट्रेस द‍िन-ब-द‍िन बढ़ता ही जाता है।

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