सुशांत हुए शांत.........

नमस्कार
            आज जो ब्लॉग मैं लिख रही हुँ ,,लिखते हुए मन बहुत विचलित हैं , बहुत से सवाल हैं मन में जो किसी भवँर जाल की तरह लग रहे हैं  ... 
जैसे इनका कोई जवाब ही न हो....
कल दोपहर को मेरे एक परिचित ने जब सूचना दी कि सुशांत ने आत्महत्या कर ली ।
मुझें यकीन ही नहीं हुआ और होता भी कैसे ? अभी चार दिन पहले ही तो मैंने एक न्यूज पढ़ी थी- सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर ने की आत्महत्या ।
फिर तुरंत बाद सुशांत का ट्वीट था - दिशा की मौत पर शोक व्यक्त किया था ।
चार दिन पहले जिस सुशांत ने अपनी मैनेजर की आत्महत्या पर दुःख जताया था , वही सुशांत कैसे आत्महत्या जैसा कदम उठा लेते हैं ?
क्या चल रहा था उनके दिमाग में ?
उनका अंतिम कॉल उनके साथी अभिनेता रहें महेश शेट्टी को किया गया था , क्या कहना चाहते थे सुशान्त जो महेश शेट्टी के कॉल न उठा पाने की वजह से अनकहा रह गया ।
तमाम ऐसे सवाल जो मन को छलनी कर रहे हैं कि आखिर क्या वजह थीं कि एक सफल औऱ उभरता हुआ सितारा यूं अपनी चमक को समेटकर अस्त हो गया औऱ सैकड़ो दिलो को गम के सागर में डुबो कर चला गया ।

साथियों जाने वाले को हम वापस तो नहीं ला सकेंगे....
वो तो हमेशा अब हमारी यादों में रहेगा ।
पर जाते जाते हम सबको एक सीख दे गया कि पैसा , रुतबा , शानो- शौकत से ज़िंदगी नहीं जी जाती हैं ,, ये जिंदगी तो अपनो के साथ ,,अपनो से बात करते रहने से चलती हैं
एक दुसरे से जुड़े रहें ,अपने मन का बोझ हल्का करते रहें
एकदूसरे की खैर खबर लेते रहे
क्या पता आपके इस अपनत्व से एक घर उजड़ने से बच जाए ..
वैदेही ✍🏻